होम लोन EMI कैलकुलेटर

घर की क़ीमत, डाउन पेमेंट, ब्याज दर और अवधि डालें। आपको मासिक EMI, कुल ब्याज और हर साल का मूलधन व ब्याज का बँटवारा दिखेगा।

होम लोन EMI कैलकुलेटर
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साल

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प्रॉपर्टी टैक्स, बीमा और अतिरिक्त भुगतान
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मासिक EMI

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लोन राशि
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साल-दर-सालमूलधनब्याज
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साल-दर-साल तालिका
सालमूलधनब्याजबकाया राशि

होम लोन EMI कैसे निकाली जाती है

होम लोन बराबर मासिक किस्तों यानी EMI में चुकाया जाता है। हर EMI पहले उस महीने का ब्याज चुकाती है और बाक़ी रक़म लोन घटाती है। EMI इस फ़ॉर्मूले से आती है:

M = P × r(1 + r)n ÷ ((1 + r)n − 1)

  • M = मासिक EMI
  • P = लोन राशि (क़ीमत में से डाउन पेमेंट घटाकर)
  • r = सालाना ब्याज दर ÷ 12, दशमलव में
  • n = कुल किस्तें (साल × 12)

उदाहरण: 32 लाख का लोन, 6.5% पर, 30 साल के लिए: r = 0.065 ÷ 12 ≈ 0.005417 और n = 360। EMI टैक्स और बीमा के बिना लगभग 20,226 प्रति माह बनती है।

शुरुआती सालों में ज़्यादातर ब्याज क्यों जाता है

ब्याज बकाया राशि पर लगता है। शुरुआत में बकाया सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए हर EMI में ब्याज का हिस्सा बड़ा होता है। बकाया घटने के साथ वही EMI हर महीने ज़्यादा मूलधन चुकाती है।

मनकों वाला चार्ट यही दिखाता है: शुरुआती पंक्तियाँ लगभग पूरी केसरिया (ब्याज) हैं और आख़िरी पंक्तियाँ लगभग पूरी हरी (मूलधन)। ऊपर के उदाहरण में आप लगभग 40.8 लाख ब्याज देंगे, यानी लिए गए 32 लाख से भी ज़्यादा।

कम ब्याज देने के तरीक़े

  • ज़्यादा डाउन पेमेंट लोन राशि घटाता है, इसलिए हर साल का ब्याज छोटी रक़म पर लगता है।
  • कम अवधि EMI बढ़ाती है लेकिन कुल ब्याज बहुत घटा देती है। कैलकुलेटर में 15 और 20 साल की तुलना करें।
  • प्रीपेमेंट सीधे मूलधन घटाता है। छोटी रक़म भी लोन से कई साल कम कर सकती है। अतिरिक्त भुगतान वाला खाना सटीक बचत दिखाता है।
  • कम ब्याज दर दिखने से ज़्यादा असर डालती है। बड़े लोन पर एक प्रतिशत अंक कुल ब्याज में लाखों का फ़र्क़ ला सकता है।

भारत में फ़्लोटिंग रेट होम लोन पर व्यक्तिगत उधारकर्ताओं से प्रीपेमेंट शुल्क आम तौर पर नहीं लिया जाता। फिर भी अपने बैंक से शर्तें पक्की करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस कैलकुलेटर में क्या शामिल है?

इसमें लोन की EMI (मूलधन और ब्याज) और, अगर आप डालें, प्रॉपर्टी टैक्स व बीमा शामिल हैं। प्रोसेसिंग फ़ीस, स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और लोन बीमा शामिल नहीं हैं, क्योंकि ये बैंक और राज्य के हिसाब से बदलते हैं।

कितना डाउन पेमेंट चाहिए?

बैंक आम तौर पर घर की क़ीमत का 75–90% तक लोन देते हैं, इसलिए 10–25% डाउन पेमेंट सामान्य है। ज़्यादा डाउन पेमेंट का मतलब छोटा लोन, कम EMI और कम कुल ब्याज।

क्या ब्याज दर और APR एक ही हैं?

नहीं। ब्याज दर उधार के पैसे की क़ीमत है। APR में फ़ीस और अन्य ख़र्च भी जुड़ते हैं, इसलिए वह थोड़ा ज़्यादा होता है। EMI निकालने के लिए यहाँ ब्याज दर डालें।

क्या हर महीने थोड़ा ज़्यादा देना सच में मदद करता है?

हाँ। अतिरिक्त भुगतान सीधे बकाया घटाता है, इसलिए अगले महीनों में कम ब्याज लगता है। अतिरिक्त भुगतान वाले खाने में रक़म डालें और बचत व नई तारीख़ देखें।

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